शनिवार-रविवार की रात में चोरी की घटनाओं के बाद अब ऑटो चालक पर हमले की खबर, सुनसान जगह पर घेर कर राडों से किया घायल
फगवाड़ा|राममूर्ति लाली
फेस्टिवल सीजन की शुरुआत से पहले फगवाड़ा में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। शनिवार और रविवार को चोरी की घटनाओं के बाद रविवार को ही एक ऑटो चालक के साथ मारपीट की वारदात सामने आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच अब सवाल यह है कि आने वाले फेस्टिवल सीजन में शहर की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी और चाक-चौबंद रहेगी।
सवारी बनकर ऑटो में बैठा युवक, पलाही रोड पर पहुंचते ही हमला
जानकारी के अनुसार धर्मकोट मोहल्ला, होशियारपुर रोड, फगवाड़ा निवासी ऑटो चालक राजू को रविवार को विशाल मेगा मार्ट के बाहर एक युवक ने सवारी बनकर रोका। उक्त युवक ने राजू को गुरु रविदास अस्पताल की सड़क से पलाही रोड की तरफ जाने के लिए कहा। राजू जब गुरु रविदास अस्पताल के बाहर पहुंचा तो सवारी बने युवक ने उसे कुछ और आगे चलने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि जैसे ही ऑटो चालक आगे पहुंचा, वहां कुछ युवक मोटरसाइकिलों पर मौजूद थे। आरोप है कि इन युवकों ने राजू को घेर लिया और लोहे की रॉडों से उस पर हमला कर दिया। हमले में राजू के शरीर पर कई चोटें आई हैं। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल हमले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बनीं सवाल
इस वारदात में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि हमलावरों के पास बताई जा रही मोटरसाइकिलों पर नंबर प्लेटें नहीं लगी थीं। यहीं से पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर एक अहम सवाल खड़ा होता है। सड़कों पर वाहन जांच और दस्तावेजों की जांच पुलिस की नियमित कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन अगर बिना नंबर प्लेट वाले वाहन सड़कों पर घूमते रहें और बाद में किसी वारदात में उनका इस्तेमाल हो जाए, तो आरोपियों की पहचान करना स्वाभाविक रूप से पुलिस के लिए भी चुनौती बन जाता है।
लगातार घटनाओं के बीच फेस्टिवल सीजन की सुरक्षा कितनी तैयार?
शनिवार और रविवार को सामने आई चोरी की घटनाओं तथा रविवार को ऑटो चालक पर हुए हमले को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन लगातार कम समय में सामने आ रही वारदातें निश्चित तौर पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी प्रणाली को लेकर चर्चा का विषय बनती हैं। आने वाले दिनों में फेस्टिवल सीजन के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है। ऐसे में पुलिस के लिए केवल मुख्य बाजारों में पुलिस तैनाती ही नहीं, बल्कि शहर के संपर्क मार्गों, सुनसान इलाकों और ऐसे रास्तों पर भी निगरानी रखना महत्वपूर्ण होगा, जहां अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल सकते हैं।
बहरहाल,ऑटो चालक राजू के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सवारी बनकर ऑटो में बैठा युवक कौन था, हमले में शामिल युवक कौन थे और इस वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था। पुलिस जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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