जी.एन.ए. विश्वविद्यालय ने प्रिंसिपल निशि पुरी, मैडम मोना और हरप्रीत कौर को शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए किया सम्मानित
फगवाड़ा — शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी के व्यक्तित्व, संस्कार और सोच को दिशा देने की प्रक्रिया भी है। इसी भूमिका में उल्लेखनीय योगदान के लिए एस.डी. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फगवाड़ा की प्राचार्य निशि पुरी, अध्यापिका मैडम मोना और हरप्रीत कौर को जी.एन.ए. विश्वविद्यालय, फगवाड़ा की ओर से ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। जी.एन.ए. विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में तीनों शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, निस्वार्थ सेवाओं, कर्तव्य के प्रति समर्पण तथा विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
शिक्षक का काम केवल किताबों तक सीमित नहीं : निशि पुरी
इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्कूल की प्राचार्य निशि पुरी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के सभी शिक्षक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनमें अच्छे संस्कार विकसित करने और उनकी छिपी हुई बौद्धिक क्षमता एवं प्रतिभा को निखारने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
तीन शिक्षकों का सम्मान पूरे विद्यालय परिवार की उपलब्धि
विद्यालय के संरक्षक के.के. सरदाना एवं निदेशक सुश्री निर्मल कोहली ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य की उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सम्मानित शिक्षकों का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान विद्यालय के लिए गर्व की बात है। उनके मार्गदर्शन और समर्पण से नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और जीवन मूल्यों की सीख भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि तीन शिक्षकों को मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का सम्मान है। शिक्षकों के प्रयासों को पहचान देने के लिए उन्होंने जी.एन.ए. विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि सम्मानित शिक्षक भविष्य में भी विद्यार्थियों का इसी प्रकार मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखेंगे।
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