जी.एन.ए. विश्वविद्यालय के शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में श्री महावीर जैन मॉडल स्कूल के व. प्रिंसिपल जगपाल सिंह सहित पांच शिक्षकों को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’
फगवाड़ा: शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने की प्रक्रिया है। इसी भूमिका में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री महावीर जैन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फगवाड़ा के व. प्रिंसिपल सहित पांच वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जी.एन.ए. विश्वविद्यालय, फगवाड़ा की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल जगपाल सिंह, पॉलिटिकल साइंस लेक्चरर सीमा अग्रवाल, विज्ञान अध्यापिका सिम्मी वशिष्ठ, कॉमर्स अध्यापिका आशु तथा केमिस्ट्री अध्यापक मनीष मल्होत्रा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से अलंकृत किया गया। सम्मानित शिक्षकों को उनकी निस्वार्थ सेवाओं, समर्पण, निष्ठा, कर्मठता तथा विद्यालय और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
शिक्षक की भूमिका सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं : जगपाल सिंह
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए व. प्रिंसिपल जगपाल सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्रतिभाशाली और समर्पित शिक्षक इसकी वास्तविक ताकत और गौरव हैं, जो निरंतर साधना, निष्ठा और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से शिक्षा के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही प्रक्रिया विद्यार्थियों को भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा देती है।
पांच शिक्षकों का सम्मान, पूरे विद्यालय परिवार की उपलब्धि : सतीश जैन

विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान सतीश जैन, सचिव ललित जैन और कोषाध्यक्ष अजीत जैन ने सम्मानित पांचों शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इन शिक्षकों का योगदान पूरे विद्यालय के लिए गर्व की बात है। समिति प्रधान सतीश जैन ने कहा कि विद्यालय के सभी अध्यापक इसके मजबूत स्तंभ और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके योग्य मार्गदर्शन और समर्पण से नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ संस्कार भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांचों शिक्षकों को मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का सम्मान है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जी.एन.ए. विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए सम्मानित शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि किसी शिक्षक को मिलने वाला सम्मान दरअसल उस काम की पहचान है जो अक्सर कक्षा की चारदीवारी के भीतर दिखाई नहीं देता। पाठ्यक्रम और परीक्षाओं से आगे विद्यार्थियों में सोच, अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी विकसित करने की भूमिका ही शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाती है।
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