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सौरव खुल्लर सेवादार भुलत्थ भाजपा

फगवाड़ा, 2 अक्टूबर। पंजाब की प्राइवेट यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों में छात्र परिषद के चुनाव करवाने की मांग अब एक बार फिर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी भुलत्थ के मुख्य सेवादार सौरव खुल्लर ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और अपने प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अवसर मिलना चाहिए। खुल्लर के अनुसार विश्वविद्यालय और कॉलेज केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि युवाओं को सामाजिक और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। ऐसे में कैंपस में विद्यार्थियों की अपनी निर्वाचित प्रतिनिधित्व व्यवस्था होना संवाद की प्रक्रिया को मजबूत कर सकता है।

छात्र परिषद सिर्फ चुनाव नहीं, संवाद का माध्यम

सौरव खुल्लर ने कहा कि छात्र परिषद का उद्देश्य किसी एक गुट या विचारधारा का प्रतिनिधित्व करना नहीं होना चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग विचार रखने वाले विद्यार्थियों को एक साझा मंच मिलना चाहिए, जहां उनकी समस्याओं और मांगों को बातचीत के जरिए प्रशासन तक पहुंचाया जा सके। उनका कहना है कि बड़े शिक्षण संस्थानों में हजारों विद्यार्थी होते हैं। ऐसे में हर विद्यार्थी से सीधे संवाद करना प्रशासन के लिए हमेशा आसान नहीं होता। निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एक व्यवस्थित संवाद का माध्यम बन सकते हैं।

एलपीयू की हालिया घटना ने फिर उठाया प्रतिनिधित्व का सवाल

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुई घटना का संदर्भ देते हुए खुल्लर ने कहा कि संवेदनशील मामलों में जब विद्यार्थियों के बीच अलग-अलग राय और दावे सामने आते हैं तो स्थिति को समझना और सभी पक्षों से प्रभावी संवाद करना प्रशासन तथा पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे हालात में एक जिम्मेदार और निर्वाचित छात्र परिषद प्रशासन, पुलिस और विद्यार्थियों के बीच संवाद की कड़ी के रूप में काम कर सकती है। विद्यार्थियों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के जरिए उनकी चिंताओं को समझने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। हालिया घटना के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के साथ बातचीत कर स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए थे। लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अलग-अलग मतों के बीच संवाद की प्रक्रिया आसान नहीं रही।

अब सवाल सिर्फ चुनाव का नहीं, व्यवस्था का भी

छात्र परिषद चुनाव की मांग के पीछे मूल मुद्दा यह है कि क्या बड़े निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए ऐसा औपचारिक मंच मौजूद है, जहां वे सामूहिक रूप से अपनी समस्याएं और सुझाव प्रबंधन तक पहुंचा सकें। खुल्लर ने पंजाब की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों के प्रबंधन से अपील की कि लागू नियमों और संस्थागत व्यवस्थाओं के तहत छात्र परिषद प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाए तथा विद्यार्थियों को पारदर्शी और जिम्मेदार प्रतिनिधित्व चुनने का अवसर दिया जाए।


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