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अरुण खोसला, पूर्व मेयर भाजपा

अरुण खोसला ने ‘रंगला पंजाब’ के दावों पर उठाए सवाल, कहा—विकास के दावों और जमीन की तस्वीर में बड़ा अंतर

फगवाड़ा — पंजाब विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, फगवाड़ा की राजनीति में भी सियासी तापमान बढ़ता दिखाई देने लगा है। अभी चुनावी मुकाबले की औपचारिक तस्वीर पूरी तरह सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं के हमलों में स्थानीय मुद्दों की जगह लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं फगवाड़ा के पूर्व मेयर अरुण खोसला ने भगवंत मान सरकार को शहर की खस्ताहाल सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर घेरा है। खोसला का हमला केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ‘रंगला पंजाब’ के सरकारी दावों को फगवाड़ा की जमीनी स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि पांच साल के कार्यकाल के बावजूद शहर की कई सड़कें आज भी बदहाल हैं और लोगों को बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट तथा सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

चुनाव करीब, तो स्थानीय मुद्दे भी राजनीतिक हथियार

फगवाड़ा की राजनीति में सड़क, सीवरेज, बरसाती पानी, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसे मुद्दे नए नहीं हैं। फर्क इतना है कि चुनावी माहौल नजदीक आने के साथ अब इन्हीं स्थानीय समस्याओं को राजनीतिक हमलों का हिस्सा बनाया जा रहा है। खोसला ने मेहली गेट मेन बाजार, चौड़ा खूह मंदिर, शिव मंदिर तालाब-अरोड़ियां वाली सड़क, बाबा गद्दिया, खलवाड़ा गेट, कटैहरा बाजार, श्री हनुमानगढ़ी, जी.टी. रोड के नजदीक शुगर मिल, सिंगला मार्केट और रेलवे रोड सहित कई इलाकों की सड़कों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इनकी हालत लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उनके बयान से साफ है कि आने वाले समय में फगवाड़ा के स्थानीय विकास कार्य राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बन सकते हैं।

बंगा रोड बनी, लेकिन सवाल बाकी

खोसला ने बंगा रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन किनारों पर मिट्टी और रोड़ी डालकर उन्हें सड़क के स्तर तक लाने का काम नहीं हुआ। उनका दावा है कि बरसात में पानी जमा होने की समस्या के कारण दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है तथा कुछ दुकानदारों को अपने खर्च पर सड़क के किनारे ऊंचे करवाने पड़ रहे हैं। यानी चुनावी बहस में अब सिर्फ यह सवाल नहीं रहेगा कि कितनी सड़कें बनीं, बल्कि यह भी पूछा जा सकता है कि बने हुए काम की गुणवत्ता और उसके आसपास की पूरी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही।

सड़क से पानी और सफाई तक—हमले का दायरा बढ़ा

पूर्व मेयर ने स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं के साथ गऊशाला बाजार में बरसाती पानी की निकासी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायी समाधान के वादे के बावजूद समस्या बनी हुई है। सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों, पार्कों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के आसपास बने कचरे के डंप लोगों के लिए परेशानी का कारण हैं।

विधानसभा चुनाव की तरफ बढ़ते पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी का यह शुरुआती दौर आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है। फगवाड़ा जैसे विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय सड़क, पानी, सफाई और जलभराव जैसे मुद्दे सीधे लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं। अरुण खोसला ने इसी आधार पर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान फगवाड़ा के लोग सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान का हिसाब मांगेंगे और इन सवालों का जवाब देना आप के लिए आसान नहीं होगा।


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