दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुआ संघर्ष, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल; यात्री और फ्लाईदुबाई के ऑन-ड्यूटी पायलट बने संकट के बीच आखिरी उम्मीद
दुबई/तबूक, 1 अक्टूबर। सितंबर के आख़िरी दिन आसमान में Boeing 737 विमान करीब 33-34 हजार फीट की ऊंचाई पर था। नीचे धरती हजारों फीट दूर थी और विमान सामान्य रफ्तार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। विमान में सवार 174 यात्रियों में से ज्यादातर के लिए यह एक सामान्य उड़ान थी।
फिर अचानक सब बदल गया…
कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच संघर्ष शुरू हुआ। सामने आए विवरणों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। इसी दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार विमान ने करीब 14,000 फीट की ऊंचाई 30 सेकंड के आसपास के समय में गंवाई। यात्रियों के लिए यह शायद जिंदगी के सबसे डरावने आधे मिनटों में से एक रहा होगा।
33 हजार फीट से अचानक नीचे की तरफ दौड़ा विमान
कल्पना कीजिए—आप विमान में बैठे हैं। सीट बेल्ट बंधी है। अचानक विमान सामान्य क्रूज से बाहर निकलता है और तेजी से नीचे जाने लगता है। यात्रियों को शुरुआत में यह पता नहीं था कि वजह turbulence है, तकनीकी खराबी है या कुछ और। लेकिन असली संकट विमान के अगले हिस्से में था। कॉकपिट में पायलटों के बीच संघर्ष चल रहा था और विमान का altitude तेजी से गिर रहा था। बाद में सामने आए आंकड़ों ने उस भयावह स्थिति की गंभीरता बताई—विमान कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया।
कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए, लेकिन कॉकपिट का दरवाजा खुल गया
रिपोर्टों के मुताबिक हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। जो जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष का शायद टर्निंग पॉइंट था। लेकिन इसके बाद स्थिति ने एक और खतरनाक मोड़ लिया। यात्री यानिव हयून समेत कुछ लोग कॉकपिट तक पहुंचे और हमलावर को काबू करने की कोशिश की। रिपोर्टों के अनुसार हयून ने कुछ समय के लिए विमान के नियंत्रण में भी मदद की। यानी जिस समय सामान्य यात्री अपनी सीटों पर घबराए बैठे थे, उसी समय कुछ यात्री उस जगह की तरफ बढ़ रहे थे जहां जाने का मतलब था—सीधे खतरे के सामने जाना।
फिर सवाल उठा—अब विमान उड़ाएगा कौन? यहीं इस घटना का सबसे असाधारण हिस्सा सामने आता है। विमान में फ्लाईदुबाई के दो ऑन-ड्यूटी क्रू/रिलीफ पायलट यात्री के रूप में मौजूद थे। फ्लाईदुबाई के मुताबिक इन्हीं ऑन-ड्यूटी क्रू सदस्यों ने विमान को सुरक्षित किया, उसका रुख बदला और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट तक पहुंचाकर सुरक्षित उतारा।
7500 कोड ने जमीन पर भी खतरे की घंटी बजा दी
विमान ने पहले सामान्य आपातकाल के लिए इस्तेमाल होने वाला 7700 कोड प्रसारित किया और बाद में 7500 कोड भी सामने आया, जिसका इस्तेमाल unlawful interference यानी विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति बताने के लिए होता है। इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब की ओर बढ़ गया। तबूक एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे आपातकालीन लैंडिंग की मांग मिली। करीब 9:45 बजे विमान तबूक के Prince Sultan bin Abdulaziz International Airport पर सुरक्षित उतर गया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक कैप्टन और को-पायलट दोनों घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित थे। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
अब सवाल यह है कि अगर खतरा उड़ते विमान के बाहर से नहीं, बल्कि कॉकपिट के अंदर से पैदा हो जाए, तो आसमान में उड़ रहे सैकड़ों लोगों की सुरक्षा का आखिरी भरोसा कौन है? यही सवाल अब जांच एजेंसियों के सामने भी है और विमानन सुरक्षा व्यवस्था के सामने भी।
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