बोले—विद्यार्थियों के प्रदर्शन और यूनिवर्सिटी से जुड़ी पिछली घटनाओं की हो निष्पक्ष जांच, आरोप साबित होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
फगवाड़ा| फगवाड़ा-जालंधर हाईवे स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल.पी.यू.) में बीती रात विद्यार्थियों द्वारा किए गए रोष प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शिव सेना यू.बी.टी. के प्रदेश प्रेस सचिव कमल सरोज ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस से मामले की निष्पक्ष एवं गहराई से जांच करवाने की मांग की है। कमल सरोज ने कहा कि एल.पी.यू. से जुड़ी पिछली ऐसी घटनाओं की भी जांच होनी चाहिए, जिनमें विद्यार्थियों के अचानक लापता होने अथवा मौत से संबंधित सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में परिवारों पर कथित तौर पर दबाव डालकर शवों को बिना जरूरी कानूनी प्रक्रिया के सौंपे जाने जैसे आरोप भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे किसी मामले में तथ्य सामने आते हैं तो उसकी भी कानूनी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी अपने परिवारों से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा केवल यूनिवर्सिटी प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रशासन के लिए भी गंभीर विषय होना चाहिए। यदि किसी घटना की जांच में यूनिवर्सिटी प्रबंधन, किसी कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। कमल सरोज ने कहा कि यदि किसी गंभीर मामले में यूनिवर्सिटी की सीधी संलिप्तता जांच में साबित होती है तो प्रशासन को यूनिवर्सिटी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होनी चाहिए।
यूनिवर्सिटी के आसपास कथित गैर-कानूनी गतिविधियों की जांच की मांग
शिव सेना नेता ने एल.पी.यू. और इसके आसपास के क्षेत्र में नशे की कथित बिक्री तथा अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के आसपास जी.टी. रोड तथा अन्य क्षेत्रों में देर रात तक शराब परोसे जाने वाली जगहों और कथित गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों और आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कमल सरोज ने कहा कि शिव सेना यू.बी.टी. की ओर से पहले भी विद्यार्थियों की सुरक्षा और यूनिवर्सिटी के आसपास कथित गैर-कानूनी गतिविधियों का मुद्दा उठाया जा चुका है। इसलिए पहले दी गई शिकायतों और मांगों पर क्या कार्रवाई हुई, यह भी जांच का हिस्सा होना चाहिए।
विद्यार्थियों की आवाज को गंभीरता से सुनने की मांग
बीती रात विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कमल सरोज ने कहा कि सरकार और प्रशासन को विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यूनिवर्सिटी से जुड़ी पिछली घटनाओं की रिकॉर्ड के आधार पर समीक्षा की जाए और ताजा मामले की भी गहराई से जांच हो। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की गलती सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पुलिस और प्रशासन को किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। कमल सरोज ने कहा कि शिव सेना यू.बी.टी. विद्यार्थियों और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है तथा जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी या परिवार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और प्रत्येक शिकायत की कानून के अनुसार जांच होनी चाहिए। आरोप साबित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
Discover more from D-News Watch
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
