कांग्रेस पार्षद ने कहा—अर्बन एस्टेट में डंप हटाने का काम सराहनीय, लेकिन पुराने डाकखाना रोड पर कचरे का बढ़ता ढेर गंभीर चिंता का विषय; सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और मेयर रामपाल उप्पल से स्थायी समाधान की मांग
फगवाड़ा। पंजाब सरकार की ओर से शहरों को साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों के बीच फगवाड़ा के पुराने डाकखाना रोड पर स्थित कूड़ा डंप एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां बड़ी मात्रा में जमा कचरे के कारण आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और विशेष रूप से नजदीकी सरकारी स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों एवं स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस पार्षद मनीष प्रभाकर ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान के तहत फगवाड़ा में सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि अर्बन एस्टेट क्षेत्र में सड़क किनारे बने डंप को हटाने का काम किया गया है, जो निश्चित रूप से सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ पुराना डाकखाना रोड पर स्थित डंप की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उनके अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों से निकलने वाला कचरा यहां पहुंच रहा है और डंप की क्षमता पूरी होने के बाद कचरा सड़क तक फैल जाता है। मनीष प्रभाकर ने कहा कि मौके की स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कचरा किस तरह सड़क के बड़े हिस्से तक फैल चुका है। खुले में पड़े कचरे के बीच आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं और राहगीरों, दुकानदारों तथा आसपास काम करने वाले लोगों के लिए आवाजाही मुश्किल हो जाती है। सड़क के आसपास फल-सब्जी की रेहड़ियां भी लगती हैं, जिसके कारण गंदगी का प्रभाव आम लोगों पर और अधिक पड़ता है।
स्कूल के बच्चों और स्टाफ की सेहत का सवाल
पार्षद ने कहा कि इस डंप के बिल्कुल साथ सरकारी स्कूल होने के कारण मामला केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि बच्चों और स्कूल स्टाफ के स्वास्थ्य से भी जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्टाफ को प्रतिदिन कई घंटे इसी वातावरण में रहना पड़ता है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध, खुले में पड़ा गीला-सूखा कचरा और उसके आसपास मंडराते आवारा पशु विद्यार्थियों तथा स्टाफ के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। पुराने डाकखाना रोड पर कूड़े के ढेर की समस्या पहले भी सामने आती रही है। 2025 में इसी स्थान से कचरा हटाने की मांग को लेकर मनीष प्रभाकर की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। अदालत के रिकॉर्ड में नगर निगम द्वारा शहर में पांच कचरा संग्रह केंद्र और शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर एक डंपिंग साइट होने की बात दर्ज है।
डंप के आगे लगी चादर भी बनी परेशानी
मनीष प्रभाकर ने कहा कि डंप के सामने लगी चादर भी अब समस्या का हिस्सा बन गई है। जब अंदर कचरा भर जाता है तो लोग मजबूरी में कचरा चादर के बाहर सड़क पर फेंकने लगते हैं। इससे सड़क पर गंदगी फैलती है और धीरे-धीरे पूरा क्षेत्र कूड़े के ढेर में तब्दील होता जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को केवल डंप से कचरा उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कचरा कहां से आ रहा है, कितनी मात्रा में आ रहा है और उसे अंतिम रूप से कहां ले जाया जा रहा है, इसका भी स्थायी प्रबंध करना चाहिए।
रेहड़ी, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक संस्थानों के कचरे का भी हो प्रबंध
कांग्रेस पार्षद ने कहा कि इस क्षेत्र में केवल घरों का ही नहीं बल्कि दुकानों, रेस्टोरेंटों, रेहड़ियों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से निकलने वाला कचरा भी बड़ी मात्रा में पहुंचता है। यदि इस कचरे को नियमित रूप से अलग-अलग उठाने और निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होगी तो किसी भी डंप की स्थिति दोबारा खराब हो सकती है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम द्वारा छोटी-बड़ी कचरा उठाने वाली गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और वार्ड स्तर पर नियमित कचरा उठाया जाए, ताकि किसी एक स्थान पर कचरे का पहाड़ खड़ा न हो।
शहर से बाहर वैज्ञानिक तरीके से हो कचरे का निपटारा
मनीष प्रभाकर ने सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और नगर निगम फगवाड़ा के मेयर रामपाल उप्पल से मांग की कि पुराने डाकखाना रोड सहित शहर के अंदर बने पुराने कूड़ा डंपों के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि गलियों और वार्डों से कचरा नियमित रूप से उठाकर बड़ी गाड़ियों के माध्यम से शहर से बाहर निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसके साथ ही कचरे की छंटाई, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि शहर के रिहायशी एवं बाजार क्षेत्रों में खुले डंप समाप्त किए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि कचरे के निपटारे के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तो सांसद को पंजाब सरकार के संबंधित विभागों के समक्ष यह मुद्दा उठाकर आवश्यक व्यवस्था करवानी चाहिए।
स्वच्छता अभियान की असली सफलता डंप खत्म होने से होगी
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने 29 अगस्त से राज्यभर में Cleanliness Campaign 2.0 शुरू किया था, जिसका उद्देश्य Garbage Vulnerable Points को खत्म करना था। सरकार के अनुसार अभियान के दौरान हजारों नागरिक शिकायतें प्राप्त हुईं और बड़ी संख्या में शिकायतों के समाधान का दावा किया गया। फगवाड़ा में भी ‘Mission Clean Punjab’ के तहत सफाई अभियान चलाया गया और सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने विभिन्न स्थानों पर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था। ऐसे में पुराना डाकखाना रोड का यह दृश्य इस सवाल को जरूर सामने रखता है कि स्वच्छता अभियान के दौरान हटाए जा रहे डंपों के बाद वहां का कचरा आखिर जा कहां रहा है और क्या उसके लिए पर्याप्त स्थायी व्यवस्था मौजूद है? मनीष प्रभाकर ने कहा कि फगवाड़ा के लोगों को केवल अभियान के दौरान कुछ दिनों की सफाई नहीं, बल्कि नियमित कचरा उठाने और वैज्ञानिक तरीके से कचरा निपटाने की स्थायी व्यवस्था चाहिए, ताकि शहर के बीचोंबीच रहने वाले लोगों, दुकानदारों, राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों को इस समस्या से राहत मिल सके।
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