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‘संभावना से उत्कृष्टता’ विषय पर गेस्ट लेक्चर में 17 वर्षीय अर्शदीप कौर ने साझा किए अकादमिक, तकनीकी और उद्यमशीलता के अनुभव

जालंधर|गोराया — आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना ही सफल करियर की गारंटी नहीं है। बदलते समय में विद्यार्थियों के लिए सही माइंडसेट, अनुशासन, कौशल और सही समय पर स्मार्ट एक्शन लेना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्री हनुमत इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (शिम्ट) में ‘संभावना से उत्कृष्टता—माइंडसेट, अनुशासन और स्मार्ट एक्शन के माध्यम से सफल करियर का निर्माण’ विषय पर गेस्ट लेक्चर करवाया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल डा. पलविंदर कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में गेस्ट स्पीकर 17 वर्षीय मिस अर्शदीप कौर ने विद्यार्थियों के साथ अपने अकादमिक एवं पेशेवर अनुभव साझा किए। उन्होंने नासा से जुड़े अकादमिक एवं तकनीकी प्रोजेक्ट पर कार्य करने, जोश टॉक्स की स्पीकर के रूप में अनुभव, स्टार्टअप तैयार करने तथा एम.यू.एन. इंडोनेशिया की कैंपस एंबेसडर के रूप में किए कार्यों के बारे में जानकारी दी। अर्शदीप कौर ने आई.आई.टी. रोपड़ बूटकैंप में प्रदर्शन एवं जीत के अलावा आई.आई.टी. मुंबई और अन्य प्लेटफार्मों पर हासिल अनुभवों का भी विद्यार्थियों के साथ उल्लेख किया।

डिग्री से आगे की तैयारी जरूरी

लेक्चर के दौरान अर्शदीप कौर ने विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अकादमिक ज्ञान जरूरी है, लेकिन बदलते करियर माहौल में केवल किताबों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सही सोच, अनुशासन, निरंतर प्रयास और सोच-समझकर लिए गए फैसलों को सफलता की महत्वपूर्ण सीढ़ियां बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, उनका सही दिशा में इस्तेमाल करने और पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

सवाल विद्यार्थियों के, जवाब अनुभवों से

सत्र को केवल भाषण तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों ने करियर अवसरों, व्यक्तिगत विकास, कौशल विकास, उद्यमशीलता और पेशेवर जीवन की चुनौतियों से जुड़े सवाल पूछे। अर्शदीप कौर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और व्यावहारिक सुझाव साझा किए। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ने के लिए कौशल, आत्मविश्वास और पेशेवर रवैया मजबूत करने पर जोर दिया गया। अकादमिक प्रोजेक्ट, सार्वजनिक भाषण, उद्यमशीलता और विद्यार्थी नेतृत्व से जुड़े अनुभवों ने विद्यार्थियों को करियर को लेकर नए दृष्टिकोण दिए।

कक्षा की पढ़ाई के साथ वास्तविक अनुभव भी जरूरी : डा. पलविंदर कुमार

प्रिंसिपल डा. पलविंदर कुमार ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई के साथ वास्तविक जीवन और पेशेवर क्षेत्र के अनुभवों से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और करियर मार्गदर्शन आवश्यक है।गेस्ट लेक्चर ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि भविष्य केवल अवसर मिलने से नहीं बनता, बल्कि अवसर को पहचानकर उस पर अनुशासन और सही दिशा के साथ काम करने से बनता है।


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