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फगवाड़ा/राममूर्ति लाली

— गांव अकालगढ़ में वाल्मीकि समुदाय के परिवारों को कथित तौर पर बुनियादी सुविधाएं न मिलने को लेकर चल रहा विवाद सरपंच की ओर से अपना पक्ष रखने के बाद भी थमता दिखाई नहीं दे रहा। सरपंच के स्पष्टीकरण के बाद शनिवार शाम को बहुजन समाज पार्टी फगवाड़ा ने दोबारा अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि मुद्दा किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों का है जो कथित तौर पर पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्या से जूझ रहे हैं।

बसपा नेता परमिन्द्र बोध ने कहा कि जिस क्षेत्र में वाल्मीकि समुदाय के परिवार रहते हैं, वहां अभी भी पानी और सड़क से जुड़ी समस्याएं मौजूद हैं। सड़क के एक तरफ कुछ घरों के आसपास पंचायत की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क और पानी आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, जबकि दूसरी तरफ वाल्मीकि परिवारों के घर इन सुविधाओं से वंचित हैं। परमिन्द्र बोध ने कहा कि यदि पानी की पाइपलाइन सड़क तक पहुंच गई है तो संबंधित घरों तक पानी पहुंचाने का प्रबंध करना भी पंचायत की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं किसी परिवार या समुदाय की संख्या देखकर नहीं दी जानी चाहिएं, बल्कि ये प्रत्येक नागरिक की जरूरत और अधिकार हैं।

बसपा नेता ने सरपंच के उस स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाए, जिसमें कुछ वाल्मीकि परिवारों के सदस्यों को साथ खड़ा कर अपनी स्थिति स्पष्ट की गई थी। परमिन्द्र बोध ने कहा कि एक परिवार को मीडिया के समक्ष साथ खड़ा करने भर से मामला खत्म नहीं हो जाता। लेकिन अगर कुछ परिवारों को सुविधाएं मिल रही हैं तो यह अच्छी बात है, मगर इससे बाकी वाल्मीकि परिवारों की समस्याएं समाप्त नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि पंचायत को मीडिया में सफाई देने के बजाय समस्या का समाधान करना चाहिए।

परमिन्द्र बोध ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बहुजन समाज पार्टी फगवाड़ा की ओर से वाल्मीकि भाईचारे को साथ लेकर एस.डी.एम. कार्यालय के बाहर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बसपा नेताओं ने प्रशासन से एक बार फिर मांग की कि मामले को आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय निष्पक्ष जांच करवाई जाए और अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। बहरहाल एक ओर बसपा बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपने आरोपों पर कायम है, वहीं पंचायत की ओर से अपना पक्ष सामने रखा जा चुका है। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अब प्रशासन की बनती है कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच और दोनों पक्ष से बात करके स्पष्ट किया जाए कि विवाद की वास्तविक वजह क्या है। क्योंकि पानी और सड़क जैसे मुद्दे यदि वास्तव में मौजूद हैं तो उनका समाधान होना चाहिए। इस अवसर पर सुरिंदर ढंडा, सुखविंदर सिंह शेरगिल, रोमी फगवाड़ा तथा गांव के प्रभावित बताए जा रहे वाल्मीकि परिवारों के सदस्य उपस्थित थे।


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