* संस्कृत को स्कूलों में अनिवार्य करने और हरिद्वार केलिए सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग, मंदिरों में विवाह को बढ़ावा देने की अपील
श्री ब्राह्मण सभा पंजाब की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन रविवार को फगवाड़ा में प्रदेश अध्यक्ष सुनील पराशर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार गायत्री मंत्र के पवित्र उच्चारण के साथ हुआ। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शिक्षा, सामाजिक सुधार तथा संगठन को मजबूत बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में लुधियाना, संगरूर, मोगा, पटियाला, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, अमृतसर, फिरोजपुर सहित पंजाब के विभिन्न शहरों से आए प्रतिनिधियों ने समाज को संगठित करने और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। इस संबंध में पंजाब के सभी विद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजाब के सभी जिलों से हरिद्वार के लिए सीधी बस सेवा शुरू किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया। सामाजिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों में हिंदू विवाह समारोहों को महंगे बैंक्वेट हॉल और पैलेसों के बजाय मंदिरों में संपन्न कराने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही मृतक भोग जैसे आयोजनों में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची और दिखावे को रोकने के लिए समाज से सहयोग की अपील की गई। इसके अलावा विवाह से पूर्व होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट के दौरान बढ़ रही अशालीनता और फूहड़ता पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने इस प्रवृत्ति को सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठनात्मक मजबूती के लिए पंजाब के प्रत्येक शहर में भगवान परशुराम कम्युनिटी हॉल के निर्माण एवं रखरखाव की योजना बनाने तथा राज्यभर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ा जा सके। बैठक के पश्चात जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील पराशर ने कहा कि श्री ब्राह्मण सभा पंजाब का उद्देश्य केवल समाज को संगठित करना ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाते हुए नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोडऩा भी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से समाज हित में लिए गए निर्णयों को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा पंजाब के प्रदेश महासचिव अशोक वत्स, अनुशासन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, अशोक कालिया, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता शर्मा, युवा अध्यक्ष राजन शर्मा, सोहन लाल, बलदेव पराशर, राजी डेर, भास्कर, मंगत राय, गोपाल शर्मा, अरुण शर्मा धालीवाल, भारत भूषण, आलोक नाथ, सुरिंदर पाल कालिया, रामपाल शर्मा, अरुण समराला, मंदीप कुमार, मोहन सिंह, कुलदीप शर्मा, राकेश कुमार, वरिंदर, राम लुभाया, सोहन लाल शास्त्री, जुगल लाल शास्त्री, योगेश प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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