किसानों का सवाल—जब फसल को पानी चाहिए, तभी बिजली क्यों गायब? हरविंदर सिंह खुन्नखुन्न ने दी आंदोलन की चेतावनी
फगवाड़ा से राममूर्ति लाली की ग्राऊंड रिपोर्ट
पंजाब में कृषि क्षेत्र को 8 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई देने के दावों के बीच खेतों की जमीनी तस्वीर अब किसानों की चिंता बढ़ाने लगी है। फगवाड़ा के विभिन्न गांवों के किसानों का कहना है कि उन्हें खेतों की मोटरों के लिए निर्धारित 8 घंटे की बजाय कई जगह केवल 2-3 घंटे ही बिजली मिल रही है और उसमें भी अचानक कट लगने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार धान और गन्ने की फसल इस समय पानी की सबसे ज्यादा मांग कर रही है, ऐसे में बिजली की अनियमित सप्लाई सीधे फसल पर असर डाल रही है।
इस मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के ब्लॉक प्रधान हरविंदर सिंह खुन्नखुन्न ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को भरोसा दिया था कि गन्ना हो या धान, खेतों को 8 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई दी जाएगी। लेकिन मौजूदा हालात में किसानों को इस वादे और खेतों में मिल रही बिजली के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

हरविंदर सिंह खुन्नखुन्न के साथ गांव अठौली के किसान शरणजीत सिंह, मानांवाली के बलजिंदर सिंह, दरवेश पिंड के तरलोचन सिंह व गुरमीत सिंह, सलारपुर के गुरमुख सिंह, अठौली के मेजर सिंह तथा गंडवां के गुरजीत सिंह ने कहा कि उनके गांवों की जमीन धान और गन्ने की फसल के लिए उपजाऊ है, लेकिन पर्याप्त बिजली और पानी न मिलने की स्थिति में फसलें सूखने के कगार पर पहुंच रही हैं।
पिछले साल बाढ़, इस बार बिजली संकट—किसान आखिर जाएं तो जाएं कहां?
किसानों ने कहा कि पिछले साल बाढ़ ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस बार बारिश की कमी के बीच सिंचाई के लिए बिजली ही किसानों का सबसे बड़ा सहारा है। ऐसे समय में यदि खेतों की मोटरों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलेगी तो इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा।

किसानों के मुताबिक वर्तमान में कई जगह केवल 2 या 3 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन उस सप्लाई में भी अचानक रुकावट आ जाती है। उनका सवाल है कि जब धान और गन्ने की फसल को इस समय लगातार पानी की जरूरत है, तब बिजली की सप्लाई में बार-बार आने वाली रुकावट का खामियाजा आखिर किसान ही क्यों भुगते?
किसानों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मांग की कि खेतों की मोटरों के लिए 8 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि फसलों को समय पर पानी मिल सके।
फसल खराब हुई तो सिर्फ नुकसान नहीं, आंदोलन भी होगा
हरविंदर सिंह खुन्नखुन्न और अन्य किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली की अनियमित सप्लाई के कारण फसलों को नुकसान हुआ तो किसान चुप नहीं बैठेंगे और सरकार के खिलाफ तीखा संघर्ष शुरू किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि खेती पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में यदि सिंचाई के लिए जरूरी बिजली भी भरोसेमंद तरीके से नहीं मिलेगी तो किसान की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
इस अवसर पर गुरमीत सिंह दरवेश पिंड, सुखविंदर सिंह, कुलदीप सिंह मेहटां, पिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, मनजीत सिंह और जगतार सिंह जग्गी आदि भी मौजूद थे।
पावरकॉम का जवाब: समस्या वाले फीडरों को ठीक किया जा रहा है
वहीं, किसानों की शिकायत पर पावरकॉम फगवाड़ा के एक्सईएन हरदीप कुमार ने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक बिजली सप्लाई देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ फीडरों में सप्लाई से संबंधित अधिक समस्या सामने आई है, जिसे ठीक किया जा रहा है। हरदीप कुमार ने किसानों को भरोसा दिया कि जल्द ही बिजली की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़ा सवाल
सरकार का दावा 8 घंटे निर्बाध बिजली का है, लेकिन अगर खेत में मोटर सिर्फ 2-3 घंटे चले और उसमें भी बार-बार रुकावट आए, तो फसल को पानी कैसे मिलेगा?
सवाल बिजली कटों का नहीं, बल्कि किसान की पूरी फसल और उसकी साल भर की मेहनत का सवाल है। देखना होगा कि पावरकॉम द्वारा समस्या दूर करने का भरोसा कितनी जल्दी जमीन पर दिखाई देता है—क्योंकि फसल इंतजार नहीं करती।
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