उद्योगपतियों ने सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल के सामने उठाए शहर से जुड़े सवाल
बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित, सड़कों की हालत और अवैध कब्जों से कारोबारियों की परेशानी बढ़ी; कचरा प्रबंधन पर भी उठे सवाल
उद्योग चलेगा तभी शहर बढ़ेगा, लेकिन बिजली कटौती, बदहाल सड़कें और ट्रैफिक बनी बड़ी चुनौती
फगवाड़ा|दिग्विन्द्र राणा
फगवाड़ा की इंडस्ट्री अगर शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो उसकी रोजमर्रा की परेशानियां केवल उद्योगपतियों की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शहर के विकास से जुड़ा सवाल हैं। इसी मुद्दे को लेकर लघु उद्योग भारती फगवाड़ा की 9वीं मासिक बैठक में उद्योगपतियों ने बिजली, ट्रैफिक, सड़कों, अवैध कब्जों और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
शाखा प्रधान आई.पी. खुराना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल के समक्ष उद्योगपतियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती से उत्पादन और कारोबार सीधे प्रभावित हो रहे हैं। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली कोई सुविधा नहीं, बल्कि कामकाज की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में बार-बार बिजली बाधित होना उद्योगों की लागत और कार्यक्षमता दोनों पर असर डालता है।
सड़कें खराब तो सिर्फ वाहन नहीं, पूरा सिस्टम प्रभावित
बैठक में शहर की खराब सड़कों का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। उद्योगपतियों का कहना था कि जर्जर सड़कों के कारण औद्योगिक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी मुश्किलें पैदा होती हैं। इसके साथ ही शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और भारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत पर जोर दिया गया।
अवैध कब्जों पर कार्रवाई सिर्फ अभियान नहीं, लगातार व्यवस्था की मांग
उद्योगपतियों ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ रहे अवैध कब्जों का मुद्दा भी सांसद के सामने रखा। उनका कहना था कि कब्जों के कारण सड़कें संकरी होती जा रही हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और आवागमन की समस्या बढ़ रही है। उद्योगपतियों ने मांग की कि अवैध कब्जों के खिलाफ केवल कभी-कभार अभियान चलाने के बजाय निरंतर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़कें वास्तव में आम जनता के लिए खुली रह सकें।
सड़क किनारे कचरा: सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
सड़कों के किनारे फेंके जा रहे कचरे को लेकर भी उद्योगपतियों ने चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे शहर की छवि के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नियमित कचरा उठाने तथा खुले में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की।
सांसद का भरोसा—विभागों से समन्वय कर प्राथमिकता से होंगे समाधान
उद्योगपतियों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने भरोसा दिया कि बैठक में उठाए गए जायज और जनहित से जुड़े मुद्दों को संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा तथा इनके समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।
सांसद डॉ. राजकुमार के साथ पहुंचे मेयर रामपाल उप्पल, डिप्टी मेयर विक्की सूद और मार्केट कमेटी चेयरमैन अनुराग मनखंड ने भी अपने विचार रखे और उद्योग जगत तथा आम शहरवासियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष आई.पी. खुराना ने सांसद सहित सभी गणमान्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और शहर का नागरिक विकास एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। यदि उद्योगों को बेहतर बिजली, सड़क, ट्रैफिक और साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा, तो इसका लाभ पूरे शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था को मिलेगा।
ये गणमान्य भी रहे उपस्थित:
बैठक में पंकज गौतम, अशोक सेठी, मुखिंदर सिंह, अरविंद बग्गा, अशोक गुप्ता, पवन कुमार कालड़ा, सुबोध सोबती, परमिंदर सिंह कुंदी, राम मखेजा, सुमित शर्मा, राजिंदर सोंधी, अनुज जैन, कुलवंत ननरा, सुरिंदर चावला, वरिंदर अरोड़ा, आलोक सेठी, रंजन जलोटा, राजेश चड्ढा, अश्वनी कंसारा, राकेश सूद, आई.एम. शर्मा, हरभजन लक्की सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।
D-News Watch:
उद्योगपतियों की बैठक में समस्याएं उठी तो आश्वासन भी मिले। अब देखना यह होगा कि बिजली कटौती, सड़कों, ट्रैफिक, कब्जों और कचरे को लेकर दिए गए आश्वासन जमीन पर कितनी जल्दी अमल में आते हैं । क्योंकि उद्योगों के लिए समय और बिजली दोनों कारोबार की लागत हैं, जबकि शहर के लिए सड़क, ट्रैफिक और सफाई रोजमर्रा की जरूरत…!
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