पूर्व आईएएस अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने राज्य के किसानों की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय किसान केंद्र और पंजाब सरकार की नीतिगत विफलताओं के कारण दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक ओर पंजाब सरकार खुद को बिजली सरप्लस स्टेट बताकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को धान की फसल के लिए निर्धारित समय पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारों की लापरवाही का सबसे बड़ा नुकसान देश के अन्नदाता को उठाना पड़ रहा है।
धालीवाल ने कहा कि धान की खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में किसानों को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। अनियमित और अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर उल्टा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है और इसका खामियाजा सीधे किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को समय पर यूरिया और अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है। कई स्थानों पर किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जबकि कई जगह पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध ही नहीं है। इससे किसानों में भारी चिंता और असंतोष है।
उन्होंने पंजाब सरकार से किसानों को निर्बाध एवं निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने की मांग की, जबकि केंद्र सरकार से तत्काल पर्याप्त मात्रा में यूरिया और अन्य आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर धान उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
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