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इन्द्रजीत करवल, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, शिव सेना पंजाब।

कहा : मन्दिरों में उपद्रव, अभद्र भाषा और हिंसा असहनीय

शिवसेना पंजाब के वरिष्ठ प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत करवल ने जालंधर स्थित ऐतिहासिक सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर परिसर में शुक्राना रैली के दौरान सामने आई बेअदबी, उपद्रव, गाली-गलौज और पथराव की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर की मर्यादा भंग करने का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और आस्था पर सीधा प्रहार है।

करवल ने कहा कि सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माथा टेकने और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल पर उपद्रव, अभद्र भाषा, पथराव और अशांति फैलाने की घटना किसी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। इस घटना से न केवल मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भी गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है।

उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में शामिल सभी शरारती तत्वों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ बेअदबी सहित अन्य सभी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए तथा उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के अनुसार मिसाली सजा दिलाई जाए।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई की जाएगी तो असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होंगे और भविष्य में भी धार्मिक स्थलों की पवित्रता भंग करने की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। इन्द्रजीत करवल ने तल्ख लहजे में कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और पवित्रता की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। किसी भी धर्म के पूजा स्थल पर अशांति फैलाने, हिंसा करने अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कानून का भय तभी स्थापित होगा जब दोषियों को ऐसी कड़ी मिले, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करने का दुस्साहस न कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दौरान यदि श्रद्धालुओं को चोटें पहुंची हैं तो इसकी भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी धार्मिक आयोजन या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो कि किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाडऩे का अवसर न मिले।

शिव सेना नेता ने सरकार से अपील की है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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