बसपा ने एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की
करीब 10 परिवारों के पानी कनेक्शन और पक्की गलियों का मामला उठा; परमिंदर बोध बोले—जाति के आधार पर भेदभाव बर्दाश्त नहीं
फगवाड़ा/राममूर्ति लाली
ब्लॉक फगवाड़ा के गांव अकालगढ़ (नवांपिंड) में करीब 10 वाल्मीकि परिवारों के साथ कथित जातीय भेदभाव का मामला सामने आया है। बहुजन समाज पार्टी फगवाड़ा की ओर से इस संबंध में एस.डी.एम. फगवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों व बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिलाने की मांग की गई है। बसपा फगवाड़ा देहाती के प्रधान परमिंदर बोध ने आरोप लगाया कि गांव में वाल्मीकि समाज से संबंधित कुछ परिवारों को जाति के आधार पर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई परिवारों के घरों में अभी तक पानी के कनेक्शन नहीं हैं। जब इन परिवारों की ओर से पंचायत से पानी का कनेक्शन लेने की मांग की जाती है तो महिला सरपंच और उसके पर जाति का नाम लेकर कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने और कनेक्शन देने से इनकार करने के आरोप लगाए गए हैं।
सुविधाओं का सवाल या भेदभाव का मामला?
बसपा नेताओं ने गांव की सड़कों और गलियों को लेकर भी सवाल उठाया। परमिंदर बोध के अनुसार, वाल्मीकि समाज के परिवारों के घरों तक जाने वाली कई सड़कें अभी तक पक्की नहीं हुई हैं, जबकि गांव के अन्य हिस्सों में सड़क और गलियों का निर्माण किया जा चुका है। यहीं से मामला केवल सड़क या पानी के कनेक्शन का नहीं रह जाता, बल्कि समान नागरिक सुविधाओं और पंचायत स्तर पर भेदभाव के आरोपों का बन जाता है। यदि किसी परिवार को उसकी जाति के कारण सरकारी अथवा पंचायत स्तर की बुनियादी सुविधा से वंचित किया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
परमिंदर बोध ने आरोप लगाया कि पंचायत से जुड़े कई फैसलों और कार्यों में सरपंच के साथ उसके देवर की भी दखलअंदाजी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
बसपा ने दी संघर्ष की चेतावनी
बसपा नेताओं ने मांग की कि वाल्मीकि परिवारों के घरों तक जाने वाली सड़कों को पक्का करवाया जाए, जरूरतमंद परिवारों को तत्काल पानी के कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएं और कथित भेदभाव की शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बहुजन समाज पार्टी संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी। इस अवसर पर बसपा हलका फगवाड़ा के इंचार्ज लेखराज जमालपुरी, प्रधान चिरंजी लाल काला, उप प्रधान सुखविंदर सिंह शेरगिल, राम मूर्ति खेड़ा, हरभजन खलवाड़ा, अरुण सोमन, अश्वनी बघाणिया, नरेश कुमार, बुद्धू राम, धर्मिंदर कुमार, इंजीनियर प्रदीप मल्ल, चरणजीत, हैरी आदि उपस्थित थे।
हालांकि सरपंच या उनके किसी पारिवारिक सदस्य का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका लेकिन अब प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामला सामान्य विकास की कमी का है या वास्तव में जातीय भेदभाव का।
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