इंडियन नैशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) फगवाड़ा शाखा के प्रधान धर्मेन्द्र ने प्रशासन एवं पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि जेसीटी मिल मजदूरों और कर्मचारियों के बकाया पी.एफ. और अन्य फंडों की पूरी अदायगी से पहले किसी भी कीमत पर मिल के अन्दर स्थित रिहायशी थापर कालोनी को बिल्कुल खाली नहीं किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 10 दिन में कालोनी खाली करने का नोटिस देकर मजदूरों को डराया जा रहा है। लेकिन इस तरह की कोई भी हरकत इंटक यूनियन बिल्कुल बर्दाशत नहीं करेगी। धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि पंजाब प्रधान प्रिंसीपल सुरिन्द्र शर्मा को भी उन्होंने इस विषय में अवगत करवा दिया है। जिनकी तरफ से मजदूरों को आश्वस्त किया गया है कि उनके साथ किसी तरह की धक्केशाही नहीं होने दी जायेगी। पंजाब सरकार और सत्ता पक्ष के जो स्थानीय नेता पुंजीपतियों के पक्ष में करीब तीन हजार मजदूरों को बेघर करने की फिराक में हैं, उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे बल्कि इसका खामियाजा आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को भुगतने के लिये तैयार रहना चाहिये। इंटक प्रधान ने कहा कि एक-एक मजदूर का लाखो रुपया पी.एफ. और अन्य फंडों के रूप में बकाया है। यदि यह पैसा उन्हें अदा हो जाये तो वे कालोनी को खाली करके अन्य जगह शिफ्ट हो सकते हैं। यूं भी बच्चों के स्कूलों में दाखिले करवाये जा चुके हैं और आगामी वर्ष की वार्षिक परीक्षा से पहले मजदूरों को थापर कालोनी से उजाडऩा बच्चों के साथ भी बड़ा भारी अन्याय होगा। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग कर कहा कि मजदूरों के खून पसीने की पाई-पाई का हिसाब दिया जाये। उमस भरी गर्मी में काटा गया बिजली चालू की जाए। पीएफ और ईएसआई हॉस्पिटल का पैसा जमा करवाया जाए, आर.पी. द्वारा चिपकाया नोटिस वापस लिया जाए, वरना इंटक यूनियन तीव्र आंदोलन करने को विवश होगी। जिसकी जिम्मेवारी पूरी तरह पंजाब सरकार की होगी।
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