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🔴 यहाँ क्लिक करके D-News Watch के मुख्य पृष्ठ (Home) पर जाएँपार्षद मुनीष प्रभाकर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल से उठाई मांग; बोले—विकास का पैमाना सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, यात्रियों की सुविधा भी हो
फगवाड़ा। फगवाड़ा रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण और विकास को लेकर केंद्र सरकार तथा भाजपा नेताओं के दावों के बीच यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं का सवाल उठने लगा है। ब्लॉक कांग्रेस फगवाड़ा के पूर्व अध्यक्ष एवं मौजूदा पार्षद मुनीष प्रभाकर ने स्टेशन पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक खामियाजा बुजुर्गों, बीमार यात्रियों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और होशियारपुर के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल से फगवाड़ा रेलवे स्टेशन पर जल्द एस्केलेटर लगवाने की मांग की है।
मुनीष प्रभाकर ने कहा कि रेलवे स्टेशन का विकास केवल इमारतों को आकर्षक बनाने या सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होना चाहिए। असली विकास वह है, जिससे आम यात्री को राहत मिले और उसका सफर सुरक्षित तथा सुविधाजनक बने। यदि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को लंबी सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़े, तो विकास के दावों के साथ-साथ यात्री सुविधाओं की समीक्षा भी जरूरी है।
औद्योगिक शहर, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, लेकिन यात्री सुविधा पर सवाल
फगवाड़ा पंजाब का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री रेलगाड़ियों के माध्यम से सफर करते हैं। नजदीक ही लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी, उनके अभिभावक और परिजन भी यहां पहुंचते हैं। औद्योगिक गतिविधियों के चलते व्यापारियों और अन्य व्यावसायिक यात्रियों का आवागमन भी बना रहता है।
ऐसे में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करवाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। सवाल यह है कि जब स्टेशन का विकास किया जा रहा है, तो क्या उसमें उन लोगों की जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिनके लिए लंबी सीढ़ियां चढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं?
युवाओं के लिए सीढ़ियां सामान्य, बुजुर्गों के लिए बड़ी चुनौती
कांग्रेस नेता ने कहा कि लंबी सीढ़ियां चढ़ना युवाओं के लिए भले ही सामान्य बात हो, लेकिन बुजुर्गों, बीमार यात्रियों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए यह बेहद कठिन हो सकता है। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी भी बढ़ जाती है। यह केवल सुविधा का सवाल नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, समान अवसर और सम्मानजनक सफर से जुड़ा मुद्दा है। रेलवे जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ऐसी सुविधाओं की जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
विकास की प्राथमिकता में आम यात्री कहां?
मुनीष प्रभाकर ने कहा कि आज बड़े शॉपिंग मॉल, होटलों और कई सार्वजनिक स्थानों पर एस्केलेटर जैसी सुविधाएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में फगवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर के रेलवे स्टेशन पर इस सुविधा का अभाव चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले स्टेशन के सुधार और विकास के कार्य शुरू किए गए थे, लेकिन विकास योजनाओं में यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को भी बराबर महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और होशियारपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल से अपील की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और फगवाड़ा रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
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