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शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस—जानिए किस श्रेणी में कितना कर्ज, कौन कर सकता है आवेदन और ‘बिना गारंटी’ का असली मतलब क्या है

D-News Desk | नई दिल्ली

अपना छोटा कारोबार शुरू करने का सपना बहुत से लोगों का होता है। कोई किराना दुकान खोलना चाहता है, कोई मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर, कोई सिलाई-कढ़ाई का काम, कोई डेयरी या छोटा सर्विस सेंटर। समस्या अक्सर आइडिया की नहीं, शुरुआती पूंजी की होती है।

यहीं से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना यानी PMMY की भूमिका सामने आती है। सरकार ने इस योजना को ऐसे छोटे कारोबारों तक संस्थागत ऋण पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया था, जिन्हें कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए पूंजी चाहिए, लेकिन बड़ी संपत्ति को जमानत के रूप में रखना मुश्किल है।

लेकिन PM मुद्रा योजना को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम भी यहीं है। कई लोग अभी भी इसे केवल ₹10 लाख तक के कर्ज वाली योजना मानते हैं। जबकि अब तस्वीर बदल चुकी है।

योजना में ‘तरुण प्लस’ श्रेणी जुड़ने के बाद पात्र उद्यमियों के लिए अधिकतम ऋण सीमा ₹20 लाख तक पहुंच गई है।

पहले समझिए—मुद्रा योजना आखिर है क्या?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी। इसका मकसद छोटे और सूक्ष्म कारोबारों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें कारोबार के लिए ऋण उपलब्ध कराना है।

इसमें केवल नई दुकान खोलने वाले ही नहीं, बल्कि पहले से कारोबार कर रहे छोटे उद्यमी भी अपनी कारोबारी जरूरत के हिसाब से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मसलन, किसी दुकानदार को दुकान बढ़ाने के लिए अतिरिक्त स्टॉक चाहिए, किसी सर्विस सेंटर को मशीन खरीदनी है या कोई व्यक्ति अपना छोटा उत्पादन यूनिट शुरू करना चाहता है—ऐसी जरूरतों के लिए मुद्रा ऋण उपयोगी हो सकता है।

चार सीढ़ियों में बंटी है योजना

मुद्रा योजना को चार श्रेणियों में समझना सबसे आसान है।

शिशु: ₹50,000 तक का ऋण

यह उन लोगों के लिए है जो बहुत छोटे स्तर से कारोबार शुरू करना चाहते हैं या अपनी शुरुआती कारोबारी जरूरत पूरी करना चाहते हैं।

किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक

जब कारोबार का आकार शुरुआती स्तर से थोड़ा बड़ा हो और ज्यादा पूंजी की जरूरत हो, तो यह श्रेणी सामने आती है।

तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक

यह अपेक्षाकृत बड़े छोटे कारोबार के लिए है, जहां कारोबार शुरू करने या विस्तार करने के लिए ज्यादा पूंजी की जरूरत पड़ सकती है।

तरुण प्लस: ₹10 लाख से ₹20 लाख तक

यहीं योजना का महत्वपूर्ण बदलाव है। तरुण प्लस के तहत ऐसे उद्यमी ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक के ऋण के लिए पात्र हो सकते हैं, जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का मुद्रा ऋण सफलतापूर्वक चुका दिया हो।

‘बिना गारंटी’ का मतलब क्या है?

मुद्रा योजना की सबसे आकर्षक बात यही है कि इसमें सामान्य तौर पर कोलेटरल यानी संपत्ति की जमानत की आवश्यकता नहीं होती।

लेकिन यहां एक गलतफहमी दूर करना जरूरी है।

बिना जमानत का मतलब बिना जांच के लोन नहीं है।

बैंक या संबंधित ऋणदाता आवेदक की पात्रता, कारोबार की प्रकृति, दस्तावेज, वित्तीय स्थिति और ऋण चुकाने की क्षमता जैसी बातों को देख सकता है।

इसलिए अगर कोई व्यक्ति यह सोचकर आवेदन करता है कि सरकार की योजना है तो लोन अपने आप मिल जाएगा, तो यह सही तरीका नहीं है।

कौन-कौन से काम के लिए लिया जा सकता है?

मुद्रा योजना का दायरा केवल छोटी दुकानों तक सीमित नहीं है।

इसके तहत पात्र आय-सृजन गतिविधियों में कई तरह के कारोबार शामिल हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर—

– छोटी ट्रेडिंग यूनिट
– मैन्युफैक्चरिंग कारोबार
– सर्विस सेंटर
– रिपेयरिंग वर्कशॉप
– छोटे परिवहन व्यवसाय
– डेयरी
– पोल्ट्री
– मधुमक्खी पालन
– हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यवसाय

यानी सवाल केवल यह नहीं है कि “दुकान खोलनी है या नहीं?”

सवाल यह है कि आपका प्रस्तावित काम वास्तविक रूप से आय पैदा करने वाला कारोबार है या नहीं और उसके लिए कितनी पूंजी की जरूरत है।

क्या हर किसी को ₹20 लाख मिल सकते हैं?

नहीं।

यह सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

₹20 लाख PMMY की अधिकतम सीमा है, हर आवेदक के लिए तय राशि नहीं।

तरुण प्लस में जाने के लिए पहले तरुण श्रेणी का ऋण सफलतापूर्वक चुकाने की शर्त महत्वपूर्ण है। इसके अलावा ऋणदाता अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदक की पात्रता और ऋण चुकाने की क्षमता का आकलन करेगा।

इसलिए केवल यह देखकर कि योजना में ₹20 लाख तक का प्रावधान है, किसी व्यक्ति को उतनी ही राशि मिलने की गारंटी नहीं है।

ब्याज कितना लगेगा?

यहां भी एक आम गलतफहमी है कि मुद्रा योजना में सरकार ने सभी के लिए एक समान ब्याज दर तय कर रखी है।

ऐसा नहीं है।

ऋण की ब्याज दर संबंधित बैंक या ऋणदाता की लागू शर्तों के अनुसार हो सकती है। इसलिए आवेदन करते समय केवल यह न पूछें कि “लोन कितना मिलेगा?”

इसके साथ यह भी पूछें—

– ब्याज दर कितनी होगी?
– EMI कितनी बनेगी?
– कितने समय में ऋण चुकाना होगा?
– प्रोसेसिंग या अन्य शुल्क कितना है?

यही बातें बाद में आपके कारोबार पर पड़ने वाले वास्तविक वित्तीय बोझ को समझने में मदद करेंगी।

छोटे कारोबार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है PMMY?

भारत की अर्थव्यवस्था में छोटे कारोबारों की भूमिका बड़ी है। लेकिन छोटे कारोबारी के सामने बैंकिंग सिस्टम से कर्ज लेने की कई व्यावहारिक मुश्किलें होती हैं।

यहीं मुद्रा योजना का महत्व है।

यह किसी व्यक्ति को सीधे व्यवसाय की सफलता की गारंटी नहीं देती। लेकिन यह उस शुरुआती समस्या को कम करने की कोशिश करती है जिसमें “काम करने का हुनर है, कारोबार का आइडिया है, लेकिन पूंजी नहीं है।”

योजना की उपयोगिता इसी जगह समझ में आती है।

लेकिन सावधानी भी उतनी ही जरूरी

मुद्रा लोन को सरकारी मदद या मुफ्त पैसा समझना सबसे बड़ी गलती होगी।

यह ऋण है और इसे वापस करना होगा।

अगर कारोबार की कमाई अनुमान के मुताबिक नहीं हुई तो EMI फिर भी देनी पड़ेगी। इसलिए कारोबार की वास्तविक क्षमता से ज्यादा कर्ज लेना जोखिम बढ़ा सकता है।

एक और जरूरी बात—किसी एजेंट या बिचौलिए को केवल इस दावे पर पैसा न दें कि वह “गारंटी के साथ मुद्रा लोन पास करा देगा।” आवेदन हमेशा अधिकृत बैंक/ऋणदाता या संबंधित आधिकारिक माध्यम से ही करना बेहतर है।

आखिर किसके लिए ज्यादा उपयोगी?

अगर आपके पास कोई वास्तविक कारोबारी योजना है, कुछ अपना योगदान है और आप जानते हैं कि पैसा कहां खर्च होगा तथा उससे आय कैसे पैदा होगी, तो PMMY आपके लिए एक उपयोगी वित्तीय विकल्प हो सकती है।

लेकिन अगर केवल इसलिए कर्ज लेना है कि “सरकार ₹20 लाख तक दे रही है”, तो रुककर दोबारा हिसाब लगाना चाहिए।

क्योंकि कारोबार में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि कितना लोन मिल सकता है।

सवाल यह है कि कितना लोन लेकर कारोबार आराम से चलाया और समय पर चुकाया जा सकता है।


कोलेटरल: सामान्यतः आवश्यक नहीं

लक्षित वर्ग: छोटे/सूक्ष्म कारोबारी और आय-सृजन गतिविधियां

मुख्य बात: ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक/ऋणदाता की पात्रता और क्रेडिट प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

अधिक जानकारी के लिए:

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की आधिकारिक जानकारी:
वित्त मंत्रालय, Department of Financial Services की आधिकारिक वेबसाइट पर PMMY की जानकारी उपलब्ध है।

JanSamarth Portal:
सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी और पात्रता/आवेदन के लिए आधिकारिक डिजिटल माध्यम।

डिस्क्लेमर: यह लेख प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। ऋण की पात्रता, स्वीकृति, ब्याज दर, शुल्क, अवधि और अन्य शर्तें संबंधित बैंक/ऋणदाता के नियमों के अनुसार तय होती हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक सरकारी पोर्टल या संबंधित बैंक से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें। D-News किसी भी ऋण की स्वीकृति या लाभ मिलने की गारंटी नहीं देता।


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