सरकार स्पष्ट करे, प्रदर्शनकारी मजूदरों पर क्यों छोड़े गए आंसू गैस के गोले: बलविंदर धालीवाल

पूर्व आईएएस अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने खन्ना में नरेगा मजदूरों पर पुलिस कार्रवाई को प्रशासनिक विफलता का उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय पर मजदूरों की जायज मांग सुन लेती और आठ महीने से लंबित भुगतान कर देती, तो ऐसी स्थिति कभी पैदा ही नहीं होती। इसलिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जिम्मेदार हैं। उनको यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर शांतिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे इन मजदूरों पर बल प्रयोग की नौबत क्यों आई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसकी पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
धालीवाल ने कहा कि मजदूर अपनी मेहनत की कमाई मांग रहे थे, कोई गैरकानूनी मांग नहीं कर रहे थे। सरकार का पहला फर्ज भुगतान सुनिश्चित करना और बातचीत से हल निकालना था। लेकिन पुलिस ने इन मजदूरों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की मजदूरी महीनों तक रोके रखना सामाजिक अन्याय है। पंजाब सरकार नरेगा मजदूरों का लंबित भुगतान तत्काल जारी करे। साथ ही भविष्य में भुगतान समय पर हो और मजदूर संगठनों के साथ नियमित बातचीत की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि ऐसे टकराव दोबारा न हों।
